वही है चाहत यादों की बरसात वही है !
हर खुशी भी दूर है मेरे आशियाने से !
खामोश लम्हों में दर्द-ए-हालात वही है !!
मोहब्बत के बिना रवानी क्या होगी !
मोहब्बत नहीं तो कहानी क्या होगी !
आग का दरियाहो या प्यार की कश्ती !
मोहब्बत नहीं तो जिंदगानी क्या होगी !!
उनकी याद में बेकरार हो जाता क्यों है !
उनकी बात में उमड़ जाता क्यों है !
प्यार करना है तो इजहार क्यों नहीं करता !
अपने साथ उनके दिल को सताता क्यों है !!
चाहत ने तेरी मुझको कुछ इस तरह से घेरा !
दिन को हैं तेरे चरचे रातों को ख्वाब तेरा !
तुम हो जहाँ वहीं पर रहता है दिल भी मेरा !
बस इक ख्याल तेरा क्या शाम क्या सवेरा !!
दर्द की शाम हो या सुख का सवेरा हो !
सब गवांरा है मुझे साथ बस तेरा हो !
जीते जी मर के भी हाथ में हाथ रहे !
तेरा मेरा साथ रहे धूप हो छाया हो !!



