Sad Shayari, तुम नहीं हो पास मगर तन्हाँ रात वही है ! | Shayari Copy - All Shayari Collection

Sad Shayari, तुम नहीं हो पास मगर तन्हाँ रात वही है !

Sad Shayari, तुम नहीं हो पास मगर तन्हाँ रात वही है !

तुम नहीं हो पास मगर तन्हाँ रात वही है ! 
वही है चाहत यादों की बरसात वही है ! 
हर खुशी भी दूर है मेरे आशियाने से ! 
खामोश लम्हों में दर्द-ए-हालात वही है !!


मोहब्बत के बिना रवानी क्या होगी !
मोहब्बत नहीं तो कहानी क्या होगी !
आग का दरियाहो या प्यार की कश्ती !
मोहब्बत नहीं तो जिंदगानी क्या होगी !!

Sad Shayari, तुम नहीं हो पास मगर तन्हाँ रात वही है !


उनकी याद में बेकरार हो जाता क्यों है !
उनकी बात में उमड़ जाता क्यों है !
प्यार करना है तो इजहार क्यों नहीं करता !
अपने साथ उनके दिल को सताता क्यों है !!

Sad Shayari, तुम नहीं हो पास मगर तन्हाँ रात वही है !


चाहत ने तेरी मुझको कुछ इस तरह से घेरा !
दिन को हैं तेरे चरचे रातों को ख्वाब तेरा !
तुम हो जहाँ वहीं पर रहता है दिल भी मेरा !
बस इक ख्याल तेरा क्या शाम क्या सवेरा !!



दर्द की शाम हो या सुख का सवेरा हो !
सब गवांरा है मुझे साथ बस तेरा हो !
जीते जी मर के भी हाथ में हाथ रहे !
तेरा मेरा साथ रहे धूप हो छाया हो !!

LazyBoy0007

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