तेरी रूह में मिल जाऊँ ऐसे जैसे नमक हो समंदर में, | Shayari Copy - All Shayari Collection

तेरी रूह में मिल जाऊँ ऐसे जैसे नमक हो समंदर में,


तेरी रूह में मिल जाऊँ ऐसे जैसे नमक हो समंदर में,
बस तेरा ही प्यार समाया रहे हमेशा मेरे अंदर में |

मैं तुझसे कभी कुछ मांगने की खता ना करु,
तेरे लब हँसते रहे चाहे मैं दुनिया का मज़ाक ही बनूँ |

तू मुझको छोड़ भी जाये तो गम नहीं मुझको,
जिस्म से नहीं मैं तेरी रूह से प्यार करु ।

मुझे ना कभी तेरे आँख में कोई आँसु नज़र आये,
इसके लिए मैं सारे ज़माने से अकेले ही लड़ूं ।

ना जाने कौन सा जादू तेरे किरदार में है,
मैं जब भी जन्म लूँ तो बस तेरा ही बनूँ ।

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via #Lazy Boy

LazyBoy0007

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