तेरी रूह में मिल जाऊँ ऐसे जैसे नमक हो समंदर में,
बस तेरा ही प्यार समाया रहे हमेशा मेरे अंदर में |
मैं तुझसे कभी कुछ मांगने की खता ना करु,
तेरे लब हँसते रहे चाहे मैं दुनिया का मज़ाक ही बनूँ |
तू मुझको छोड़ भी जाये तो गम नहीं मुझको,
जिस्म से नहीं मैं तेरी रूह से प्यार करु ।
मुझे ना कभी तेरे आँख में कोई आँसु नज़र आये,
इसके लिए मैं सारे ज़माने से अकेले ही लड़ूं ।
ना जाने कौन सा जादू तेरे किरदार में है,
मैं जब भी जन्म लूँ तो बस तेरा ही बनूँ ।
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बस तेरा ही प्यार समाया रहे हमेशा मेरे अंदर में |
मैं तुझसे कभी कुछ मांगने की खता ना करु,
तेरे लब हँसते रहे चाहे मैं दुनिया का मज़ाक ही बनूँ |
तू मुझको छोड़ भी जाये तो गम नहीं मुझको,
जिस्म से नहीं मैं तेरी रूह से प्यार करु ।
मुझे ना कभी तेरे आँख में कोई आँसु नज़र आये,
इसके लिए मैं सारे ज़माने से अकेले ही लड़ूं ।
ना जाने कौन सा जादू तेरे किरदार में है,
मैं जब भी जन्म लूँ तो बस तेरा ही बनूँ ।
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