प्यार की मंज़िल क्या है बस और प्यार | Shayari Copy - All Shayari Collection

प्यार की मंज़िल क्या है बस और प्यार


प्यार की मंज़िल क्या है बस और प्यार

दिल के समंदर का साहिल तू ही है यार

तू मेरा दिलबर तू ही है मेरा प्यार

तेरा ही तो रात दिन मैं करूँ इंतज़ार

बस एक तेरे लिये ही है मेरा दिल बेकरार

बढ़ता जा रहा है अब ये खुमार

तुझको पुकारे मेरा ये दिल बार बार

तू भी करले अब मुझसे प्यार

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Good evening ❤️

LazyBoy0007

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